Chapter 11 (अध्याय ११) Vishwarup yoga philosophy (विश्वरुप दर्शन योग -विश्वरूपदर्शनयोग):   
  1. Arjun's Prayer ( Chapter 11 Slok 1 to 4 ) अर्जुन की प्रार्थना (अध्याय 11 शलोक 1 से 4)
  2. Vision Statement ( Chapter 11 Slok 5 to 8 ) विश्वरूप का कथन (अध्याय 11 शलोक 5 से 8)
  3. Description of Visions ( Chapter 11 Slok 9 and 13 ) विश्वरूप का दर्शन (अध्याय 11 शलोक 14 से 31)
  4. Cosmic Philosophy ( Chapter 11 Slok 14 to 31 ) विश्वरूप का वर्णन (अध्याय 11 शलोक 9 से 13)
  5. Arjun yoga inspiration ( Chapter 11 Slok 32 to 34 ) अर्जुन को योग प्रेरणा (अध्याय 11 शलोक 32 से 34)
  6. solicitation by Arjun ( Chapter 11 Slok 35 to 46 ) अर्जुन द्वारा याचना (अध्याय 11 शलोक 35 से 46)
  7. God, give audience ( Chapter 11 Slok 47 to 50 ) भगवान का दर्शन देना (अध्याय 11 शलोक 47 से 50)
  8. The rarity of Philosophy  ( Chapter 11 Slok 51 to 55 ) दर्शन की दुर्लभता (अध्याय 11 शलोक 51 से 55)