Chapter 4 (अध्याय ४) Jnana Yoga (ज्ञान योग) :  

  1. Bhagvat Glory (Chapter 4, Slok 1 to 18) भागवद् महिमा (अध्याय 4 शलोक 1 से 18)
  2. Yogi Practices (Chapter 4, Slok 19 to 23) योगी का आचरण (अध्याय 4 शलोक 19 से 23)
  3. Yajna Description (Chapter 4, Slok 24 to 32) यज्ञ विवरण (अध्याय 4 शलोक 24 से 32)
  4. Knowledgeable Glory (Chapter 4, Slok 33 to 42) ज्ञानी की महिमा (अध्याय 4 शलोक 33 से 42)